आसमान की गहराइयाँ
हवाओं की नरमाईयाँ
तारों के समंदर
कितना कुछ है
इस पल के
अंदर
इस सन्नाटे में भी
कुछ बात है
मन के अंदर
एक
एहसास है
इस लम्हे में कुछ
ठहराव है
और एहसास में बदलाव है
होंठों पर कोई लफ्ज़
नहीं
फिर भी मन की एक आवाज़
है
इन पलों की गहराई
हवाओं की नरमाई
कभी कभी बहुत अच्छी
लगती है
मुझे ये तन्हाई
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